‘मेरी कहानी’ – अन्कित खन्डेलवाल / ‘My story’ – Ankit Khandelwal

Originally published: http://hindi.ruvr.ru/2014_03_20/meri-kahani-ankit0khandeval/

नमस्कार मेरा नाम अन्कित खन्डेलवाल हैं । रुस शुरु से ही मेरी इतिहास की किताबो का मुख्य आकर्षण रहा हैं। इतिहास की किताबो से ही भारत एवं रुस के घनिष्ट सम्बन्धो के बारॆ मे भी पता चला। इसी कारण रुस के बारे मे हमेशा ज्यादा से ज्यादा जानने कि उत्सुक्ता थी। इन्टरनेट सीखने के पुर्व मुझे रुस के बारे मै ज्यादातर ज्ञान रुसी लेखको की किताबे पडने से मिला । उनमे से एक किताब, जिसका शीर्षक ’घर मै अन्तरिक्ष’ था, मैने ६ कक्षा मॆं ली थी एवं पडी थी। ’व्हाट इस आर्ट’ को पडने के बाद महान रुसी लेखक लीओ टोल्स्तोय ओर रुस की ऎतिहासिक सभ्यता एवं सन्स्कुति से पहली बार अच्छे से परीचय हुआ।
Hello, my name is Ankit Khandelwal. Russia has always been one of the main attractions of my history books. From history books, I also got to know about the strong relationships between India and Russia. That’s the reason, I was always curious to know more about Russia. Before learning how to use Internet, majority of knowledge about Russia came by reading Russian authors book. One of them was, ‘Space at home’ which I bought and read in 6th standard. After reading ‘What is art’, for the first time I was introduced properly to great Russian writer Leo Tolstoy and the historical culture of Russia.

कुछ साल बाद इन्टरनेट सीखने से थोडी बहुत जानकारी मिलनॆ लगी । परन्तु यह जानकारी ज्यादातर राजनीतिक या सैन्य सम्बन्धो को लेकर होती थी । इन खबरो में रुस की सभ्यता एवं संस्कृति का कोई वर्णन नही होता था। रुस से असली परीचय डेन्मार्क जाकर हुआ । अपनी आगे की पडाई के लिए २,५ वर्ष मैने इस खुबसुरत देश मे बिताए ।
After few year, I learn how to use internet and able to get some information about Russia. But this information was mostly about political or defense related issues. There was no mention of Russian culture among them. After reaching Denmark, i got to know the true Russia. For higher studies, I have spent 2,5 years in this beautiful nation.

अध्ययन के दौरान काफ़ी रुसी सहपाठियो से दोस्ती हुई । आपसी वार्तलाप से मैने जाना कि रुसी ओर मेरी मात्रभाषा हिन्दी मै कुछ समानता है। मेरे रुसी दोस्तो ने मुझॆ रुस के खानपान, बॆले नृत्य, सर्द मौसम, पारीवारिक मेलजोल, क्रिसमस के आयोजन एवं रुस की कुछ वर्तमान समस्याओ से भी अवगत करवाया। उसके बाद तो मै नियमित रुस के बारॆ में पडने लगा। पिछले कुछ महीनो मे मैने रुसी वर्णमाला का अध्ययन किया हैं।
During studies, lot of Russian people became friends. During the conversations, I got to know that Russian and my mother-tongue Hindi have some similarities. My Russian friends introduce me to Russian food, belle dance, cold weather, family structure, Christmas celebrations and some of the current problems of Russia. After that, I was regularly reading about Russia. In past few months, I have also tried to study Russian Alphabets.

खोजबीन करते हुए ३ साल पहले ’रशिया टुडे’ वेब्साइट तक पहुचा। तब से मैं इसका नियमित पाठक बन गया हूँ । प्रतिदिन कुछ मिनट पडने से रुस के बारे मे मेरी जानकारी काफ़ी बड गई हैं । रुस एक उभरती हुई आर्थिक महाशक्ति हैं । इस देश को करीब से जानना मेरे लिये काफ़ी लाभदायक साबित होगा, ऎसा मेरा मानना हैं । मेरे अब काफ़ी रुसी मित्र हैं। रुसी सभ्यता को भी अब मे थोडा समझने लगा हूँ ।
Through my search, I have reached website of ‘Russia Today’ 3 years ago. From that time, I became a regular reader of this website. Reading few minutes everyday has increased my knowledge about Russia. Russia is a growing economy. Knowing this country slightly more closely will be very helpful for me, I think. I have lot of Russian friends now. I am also able to understand a little bit about Russian culture.

रुस के बारे मे काफ़ी जानने के बाद मॆ ’रुसी’ भाषा का अध्ययन करना चाहता था । ’रशिया टुडे’ पर कुछ सरल रुसी भाषा के ’विडिओ’ सुने ओर ’यु-ट्य़ुब’ पर रुसी भाषा सीखने के तरीको का अध्ययन किया। काफ़ी कुछ पडा था कि रुसी भाषा बहुत कठिन होती हैं। परन्तु मुझे यकीन था कि अगर मैने संस्क्रुत पडी हैं तो इतनी दिक्कत नही होगी। वर्णमाला की जानकारी मुझे पहले से ही थी। मैंने पिछली दो विदेशी भाषाए (जर्मन, स्पेनिश) अंग्रेजी की सहायता से सीखी थी। मैं रुसी भाषा को हिन्दी की सहायता से सीखना चाहता था। मेरी यह खोज मुझे ’रेडिओ रुस’ तक ले आयी। ’रेडिओ रुस’ पर रुसी भाषा का स्कूल देखकर मेरी खुशी का ठिकाना नही रहा। अब कुछ ही महीनो के पश्चात मैं भी मेरे रुसी मित्रो के साथ वार्तलाप कर पाउगा।

After knowing a lot about Russia, I wanted to study ‘Russian’ language. I have listened some easy videos on ‘Russia Today’ and studied the method of learning Russian on you-tube. It is being mentioned at many places that Russian is a very difficult language. But I was confident than if I have read Sanskrit, than it will not be a big problem. I already knew Russian Alphabets. German and Spanish, the two foreign languages I have learn using English as a base. I wanted to learn Russian using my mother-tongue Hindi. This search brought me to ‘Redio Russia’. I was delighted to see ‘School of Russian Language’ at Redio Russia. After few months, I will be able to talk to my Russian friends in Russian.

Originally published: http://hindi.ruvr.ru/2014_03_20/meri-kahani-ankit0khandeval/

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