“आपके पत्रों की समीक्षा”

Radio Russia- Hindi

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नमस्कार, बहनों और भाइयो

नमस्कार, प्रिय श्रोताओ। आज, इस कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता मैं, अनस्तसीया…

… और मैं, कश्मीर अपकी सेवा में हाज़िर हैं।

अनस्तसीया जी, भारत में मनाया जाता एक सबसे खूबसूरत त्यौहार- दीवाली नज़दीक पहुँच रहा है। हमारे विभाग के कुछ कर्मचारी आजकल भारतीय विश्वविद्यालयों में अपना भाषा-ज्ञान बढ़ा रहे हैं। और वे भी अपने भारतीय साथियों के साथ मिलकर दीवाली के जश्न मना रहे हैं, खुशियाँ मना रहे हैं। हमारे कुछ श्रोताओं ने इस पवित्र त्यौहार के अवसर पर हमें बधाई और शुभकामनाओं के संदेश भी भेजे हैं।

हमारे एक पुराने दोस्त हरपुर, बिहार से नीलेश कुमार सिंह जी ने लिखा है: “दीपावली के अवसर पर आप सभी के लिए मेरी शुभकामनाएं! आप सभी के जीवन में यह त्यौहार ढेर सारी खुशियाँ लेकर आए!”

प्यारे भइया, नीलेश कुमार सिंह जी, दीपावली के अवसर पर बधाई और शुभकामनाएँ देने के लिए हम आपके बहुत बहुत शुक्रगुज़ार हैं।

पिछले वर्ष दिल्ली में आयोजित “रेडियो रूस” के श्रोता सम्मेलन में आपके साथ हुई हमारी मुलाकातें हमें अब भी याद हैं। हम अपनी ओर से आपके लिए भी दीवाली के इस शुभ अवसर पर खुशियों-भरे जीवन और सफलताओं की कामना करते हैं!

अब हम अपने उन श्रोताओं के नाम बताने चाहते हैं जिन्होंने हमें पहली बार वार्षिक ज्ञान प्रतियोगिता के प्रश्नों के उत्तर भेजे हैं। ये श्रोता हैं- नई दिल्ली से दीपक कुमार, हैदराबाद (आंध्र प्रदेश) से हैरी मधुगुल, बक्सर (बिहार) के आबिद हसन, दयालपुरा (पंजाब) से नसीब मठारू, हिसार (हरियाणा) से पुरषोत्तम दास सिंगल।

दोस्तो, वार्षिक ज्ञान-प्रतियोगिता के प्रश्नों के उत्तर देने के लिए हम आप सभी को हार्दिक धन्यवाद देते हैं। पुरषोत्तम दास सिंगल जी का नाम हम पहली बार सुन रहे हैं। वह ज़रूर हमारे नए श्रोता होंगे।

नहीं जी, ऐसा बिलकुल नहीं है। वह हमारे बहुत पुराने श्रोता है। वह अपने पत्र में लिखते हैं- “मैं आपके कार्यक्रमों का लगभग 40 साल पुराना श्रोता हूँ। 24 नवंबर 1974 से रेडियो मास्को के मैत्री क्लब का सदस्य हूँ। मैंने “सोवियत नारी” पत्रिका द्वारा आयोजित कई प्रश्नोत्तरियों में भी भाग लिया था। 1977 से 1979 तक मेरे पत्रों का रेडियो मास्को द्वारा जवाब दिया जाता रहा है। मेरी डाक-टिकट एकत्र करने में रुचि है। रेडियो मास्को ने समय समय पर मुझे काफ़ी डाक-टिकट भेजे हैं। अगर “रेडियो रूस” का कोई श्रोता मेरे साथ पत्र-व्यवहार करना चाहेगा तो मैं सहर्ष उनके पत्रों का जवाब दूँगा।”

हम पुरषोत्तम दास सिंगल जी के अनुरोध को पूरा कर सकते हैं। हम अपने इसी कार्यक्रम में उनका पता बता देते हैं ताकि हमारे जो श्रोता पुरषोत्तम दास सिंगल जी से पत्र व्यवहार करना चाहेंगे, वे ऐसा कर सकें। मेरा यकीन है कि हमारे कई श्रोता ऐसा पत्र-व्यवहार करना चाहेंगे।

पुरषोत्तम दास सिंगल जी का पता बताने से पहले हम एक रूसी गीत सुनवाना चाहेंगे। हमें पूरी आशा है कि हमारे श्रोतागण, जो इस समय हमारा कार्यक्रम सुन रहे हैं, पता लिखने के लिए कागज़ और कलम तैयार कर लेंगे। तो आइए, सुनते हैं यह रूसी गीत….

“आपके पत्रों की समीक्षा”- यह कार्यक्रम आप “रेडियो रूस” से सुन रहे हैं। और अब हम अपना वादा पूरा करते हैं और पुरषोत्तम दास सिंगल जी का पता अपने श्रोताओं को बताते हैं। पता है-PURSHOTAMDASSSINGAL,

MAKAN No 205/8 OUT SIDEMORI GATE, HISAR,DIST. –HISAR, HARIYANA.

और अब हम अपने अन्य छात्रों के पत्रों को लेते हैं। यह पत्र हमें पुणे से पराग पुरोहित जी ने लिखा है। वह लिखते हैं: “3 अक्टूबर को आप द्वारा प्रसारित कार्यक्रम सुनकर बहुत प्रसंन्नता हुई कि शंघाई सहयोग संगठन में पूर्ण सदस्यता पाने की भारत की इच्छा जल्दी ही पूरी होने जा रही है। भारत की इस इच्छापूर्ति में रूस की अहम भूमिका है। रूस, चीन और तीन मध्य एशियाई देशों के साथ सन् 2001 में स्थापित किया गया यह संगठन आज सामरिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण बन गया है। इसलिए दुनिया के अन्य देश भी इस संगठन की सदस्यता पाने या इसमें पर्यवेक्षक का दर्जा पाने में रुचि ले रहे हैं। रूस ने भारत के इन प्रयासों को पूरा समर्थन दिया है। इससे पहले भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के दावे का भी रूस ने पूरा समर्थन किया था। इन घटनाओं से यही बात स्पष्ट हो गई है कि दिल्ली और मास्को के बीच संबंध आज भी उतने ही प्रगाढ़ बने हैं, जितने कि सोवियत संघ के काल में थे। आपके द्वारा प्रसारित की जा रही बहुत ही ख़बसूरत नई मालिका ग्रेट गेम में रूस और ब्रिटेन के बीच एशिया में 19-वीं सदी में चल रहे शीतयुद्ध के बारे में बताया जा रहा है। इस जानकारीपूर्ण और दिलचस्प कार्यक्रम के लिए धन्यवाद।”

पराग पुरोहित जी, इतना दिलचस्प पत्र लिखने और हमारे कार्यक्रमों की सराहना करने के लिए हम अपको हार्दिक धन्यवाद देते हैं। आपका पत्र पढ़कर इस कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता इरीना लेबेदेवा और अनिल जनविजय बहुत खुश हुए हैं और वे भी आपको हार्दिक धन्यवाद देते हैं।

यह पत्र हमें लखनऊ से श्री आशुतोष श्रीवास्तव जी ने लिखा है। वह लिखते हैं: “मैं रूसी भाषा सीख रहा हूँ। साथ ही मैं पड़ोसी देशों में रूसी भाषा का प्रचार-प्रसार करना चाहता हूँ। यदि आप भरपूर सहयोग करें तो मैं भारत में प्राथमिक से उच्च शिक्षा के स्तर तक रूसी को लोकप्रिय बनाने में अपना योगदान देना चाहता हूँ।”

आशुतोष श्रीवास्तव महोदय, हम आपके अनुरोध को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं। इसलिए, कृपया रूसी भाषा का प्रचार-प्रसार करने की अपनी योजना के बारे में ज़रा विस्तार से लिखने का कष्ट करना जी।

अगला पत्र हमें यमुनानगर, हरियाणा के श्री दर्शन लाल बवेजा जी ने लिखा है। अपने इस पत्र में वह लिखते हैं: “4 अक्टूबर 1957 को रूस ने दुनिया का पहला मानव निर्मित उपग्रह स्पूतनिक अंतरिक्ष में भेजा गया था। उस दिन मनुष्य की अंतरिक्ष में मानव निर्मित उपग्रह भेजने की अभिलाषा पूरी हुई थी। इसलिए, इस दिन को स्मरण करने के उद्देश्य से विशेष अंतरिक्ष सप्ताह मनाया जाता है। क्या रेडियो रूस इस सालगिरह पर कुछ सामग्री छापता है?”

भाई साहब, दर्शन लाल बवेजा जी। रेडियो रूस ऐसे अवसरों पर हमेशा ही विशेष कार्यक्रम प्रसारित करता है और अपनी वेबसाइट पर सामग्रियां भी प्रकाशित करता है।

रगढ़ी, पश्चिम बंगाल से शौतिक हाती के अनुरोध पर हम अपने किसी अगले कार्यक्रम में मास्को के एक समकालीन चित्रकार स्तानिस्लाव पलुतेन्का के बारे में बताएंगे।

गोरादीह, बिहार से अपने एक पुराने श्रोता डॉ. हेमंत कुमार के कुछ सवालों का जवाब हम आज ही दे रहे हैं। डॉ. हेमंत कुमार पूछते हैं- भारत में राष्ट्रीय डाक दिवस 10 अक्टूबर के मनाया जाता है। क्या रूस में भी राष्ट्रीय डाक दिवस मनाया जाता है?

– हमारे देश में 14 जुलाई को डाक-कर्मचारी दिवस मनाया जाता है।

– रूस में सबसे से अधिक मानसून बारिश कहां होती है? यह सवाल दिल्ली से श्री दीपक कुमार जी ने भी हमसे पूछा है।

– हमारे देश में मानसून बारिश नहीं होती है। रूस उष्णकटिबंधी क्षेत्रों से बहुत दूर स्थित है। हमारे यहाँ लगभग पूरे देश में वसंत, ग्रीष्म और शरद ऋतु में भारी बारिश होती और सर्दियों में बर्फ़बारी होती है। इस साल लगातार भारी बारिश होने के कारण रूस के सुदूर पूर्व में अमूर नदी और अन्य नदियों का जल इनके किनारों से बाहर बहुत दूर तक बह गया था और एक विशाल इलाके को बाढ़ के पानी ने अपनी चपेट में ले लिया था। 102 बस्तियां पानी में डूब गई थीं, 80 पुल क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें से 13 पुल पूरी तरह से नष्ट हो गए। इस बाढ़ ने एक लाख से अधिक लोगों का माली नुकसान किया है। 14 हज़ार से अधिक निवासियों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया गया था।
– डा. हेमंत कुमार का तीसरा सवाल है- रूस में कितने राजनीतिक दल पंजीकृत हैं और कौन-सी पार्टी सबसे लंबे समय तक सत्ता में रही?

– इस साल सितंबर में 73 राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया गया था। इसके अलावा, 79 संगठनात्मक समितियों का पंजीकरण किया गया है जिनका लक्ष्य राजनीतिक पार्टियों का गठन करना है।

– और रूस में कौन-सी पार्टी सबसे लंबे समय तक सत्ता में रही है?

– सन् 2003 के बाद से “एकजुट रूस” नामक पार्टी ही सभी चुनाव जीतती रही है। आजकल रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव इस पार्टी के नेता हैं।

– परंपरा के अनुसार, हम अपने इस कार्यक्रम के अंत में अपने नए श्रोताओं का कोई हिन्दुस्तानी गीत सुनवाकर स्वागत करते हैं। क्या आप बता सकते कि इस बार हम अपने किन नए श्रोताओं का अभिनंदन कर रहे हैं?

– अनस्तसीया जी, हाल के दिनों में हमें पाकिस्तान से भी हिंदी पत्र मिलने लगे हैं। वैसे सबसे पहले खैरपुर मीर्स, सिंध, पाकिस्तान से आज़्म अली सूमरो जी ने हमें हिंदी में पत्र लिखाने शुरू किए थे। वह रेडियो रूस की हिन्दी वेबसाइट भी बहुत ध्यान से पढ़ते हैं और साइट में छपी सामग्रियों पर बहुत ही मूल्यवान टिप्पणियाँ भी करते हैं। … और इस बार पाकिस्तान से हमें हिंदी में जो नया पत्र मिला है, उसे लिखा है- फ़ुलेली, सिंध से क़ासिम अली शाह जी ने। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है: “मैंने अपने दोस्त कृष्ण मुरारी सिंह किसान के ख़त का जवाब “रेडियो रूस” के एक प्रसारण में सुना। बहुत अच्छा लगा। अच्छी जानकारी थी उसमें। मैं आपके सारे कार्यक्रम नेट पे और रेडियो पर सुनता हूँ। बहुत अच्छे लगते हैं।”

– और भी हैं, हमारे नए श्रोतागण?

– बहुत हैं, अनस्तसीया जी। लीजिए देखिए, यह पत्र हमें गुरदासपुर, पंजाब से एक पत्रकार मक़बूल अहमद जी ने पहली बार लिखा है। और यह पत्र अंकित खंडेलवाल जी का है। उन्होंने भी हमें पहली बार लिखा है लेकिन वह अपना पता लिखना भूल गए हैं। हाँ, उन्होंने हमसे इतना ज़रूर पूछा है कि “रेडियो रूस” के किस कार्यक्रम में श्रोता अपनी राय व्यक्त कर सकते हैं?

– अंकित खंडेलवाल जी, आप हमारे इसी कार्यक्रम में, यानी “आपके पत्रों की समीक्षा” कार्यक्रम में अपनी राय व्यक्त कर सकते हैं, कोई भी सवाल पूछ सकते हैं, जिसका जवाब हम ज़रूर देंगे।

– अंकित खंडेलवाल जी, हमने आपको अपने सभी कार्यक्रमों की समय-सारणी भेज दी है जिससे आपको यह जानकारी मिलेगी कि हमारे कौन-से कार्यक्रम कब प्रसारित किए जाते हैं।

– अब हम अपने उन सभी श्रोताओं के लिए भारत में हमारे दो श्रोताओं के पते बता रहे हैं। इन पतों पर हमारे श्रोता रेडियो रूस के लिए अपने अंतर्देशीय पत्र भेज सकते हैं। पहला पता उत्तर प्रदेश में शमसुद्दीन साक़ी आदीबी जी का है- Shamsuddin Saqi Adibi, Islampura Mubarakpura, Azamgarh (UP)। और दूसरा पता है- दीपक कुमार जी का- Sh. Deepak Kumar, A-290, Double Storey, Kalkaji, New Delhi- 110019

हम नि:स्वार्थ सहायता के लिए जनाब शमसुद्दीन साक़ी आदीबी जी और श्री दीपक कुमार जी को अपना हार्दिक धन्यवाद देते हैं।

– और अब हम, अपनी पुरानी परंपरा के अनुसार अपने नए श्रोताओं के लिए एक हिन्दुस्तानी गीत सुनवा रहे हैं। इस बार यह गीत क़ासिम अली शाह , मकबूल अहमद और अंकित खंडेलवाल जी के लिए है। तो आइए, सुनते हैं यह प्यारा-सा गीत-

इस गीत के साथ ही हमारा आजका यह कार्यक्रम यहीं पर समाप्त होता है। अब मैं, अनस्तसीया और मैं, कश्मीर आपसे विदा लेते हैं, नमस्कार!

(Appeared in Radio Russia, Hindi, 24.10.2013)

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